फेसबुक को ब्लू कलर में क्यों बनाया गया

फेसबुक को ब्लू कलर में क्यों बनाया गया – हम सभी जानते हैं कि फेसबुक दुनिया का सबसे बेहतरीन सोशल नेटवर्क है जहां लोग एक दूसरे से आपस में जुड़े रहते हैं और सोशल रूप से अपडेटेड रहते हैं. फेसबुक को लॉन्च हुए 17 साल हो गए हैं और कितनी चीजें बदल चुकी है लेकिन अभी तक फेसबुक का ब्लू कलर नहीं बदला है जी हां फेसबुक का कलर अभी तक नहीं बदला. बहुत से लोगों को इसके पीछे का कारण भी नहीं पता है आज मैं आपको इसी के बारे में बताने वाला हूं

फेसबुक को ब्लू कलर में ही क्यों बनाया गया था

 

फेसबुक को ब्लू कलर में बनाने का कारण – क्या आपने कभी सोचा है कि फेसबुक का ब्लू कलर शुरू से ही क्यों रहा है इसका आपको मुख्य कारण बता दे कि फेसबुक के फाउंडर Mark Zuckerberg को कलर ब्लाइंड रोग है. उन्हें हरा और लाल कलर ब्लाइंडनेस है, मार्क जुकरबर्ग हरा और लाल कलर को अच्छे से नहीं देख पाते हैं ब्लू कलर उनकी आंखों के मुताबिक सबसे सही कलर है जिन्हें वे अच्छे से देख पाते हैं.,

 

मार्क जुकरबर्ग ने खुद न्यूयॉर्क में बताया था कि उन्होंने एक दिन अपनी आंखों का टेस्ट लिया था जिससे उन्हें पता चला कि आंखों का लाल और हरा कलर एफिशिएंसी है. इसका मतलब यह नहीं कि वह दोनों कलर को पूरी तरह से नहीं देख सकते. आपको बता दें कि कलर एफिशिएंसी की वजह से कुछ कलर कम दिखते हैं एवं कुछ कलर बिल्कुल उल्टे दिखाई देते हैं.मार्क जुकरबर्ग को फेसबुक बनाने के कई साल बाद में पता चला कि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि कहीं ना कहीं इसी कारण ही उन्होंने फेसबुक का कलर ब्लू रखा. 

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Conclusion :-  दोस्तों आज आपने जाना कि फेसबुक को ब्लू कलर में क्यों बनाया गया, फेसबुक को ब्लू कलर में बनाने का कारण

मेरे द्वारा बताई गई जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके बता सकते हो 

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